1 सितम्बर का दिन विशेष
1 September special day in India
1 September
special day in India

1 September special day in India
महत्वपूर्ण दिवस
1 सितम्बर का दिन विशेष
1 सितम्बर का इतिहास
- 1914: रूसी शहर सेंट पीटर्सबर्ग का नाम बदलकर पेट्रोग्राड कर दिया गया।
- 1939: जर्मनी ने पोलैंड पर आक्रमण किया। इस घटना से द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हुआ।
- 1956 : भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की स्थापना हुई।
- 1956 : राज्यों के पुनर्गठन के बाद त्रिपुरा केंद्र शासित प्रदेश बना।
- 1961: एनसीईआरटी की स्थापना हुई।
- 1964 : इंडियन ऑयल रिफाइनरी और इंडियन ऑयल कंपनी के विलय से 1964 में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन का गठन हुआ।
- 1979: पायनियर 11 अंतरिक्ष यान शनि के 21,000 किलोमीटर के दायरे से गुज़रा।
- 2008 : तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने डी. सुब्बाराव को भारतीय रिजर्व बैंक का 22वां गवर्नर नियुक्त करने की घोषणा की।
- 2009 : वाइस एडमिरल निर्मल कुमार वर्मा को भारतीय नौसेना का प्रमुख नियुक्त किया गया।
- 1985: संयुक्त अमेरिकी-फ्रांसीसी अभियान ने डूबे हुए आरएमएस टाइटैनिक को खोज निकाला।
- 1991: उज़्बेकिस्तान को सोवियत संघ से स्वतंत्रता मिली।
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1 सितम्बर जन्म, निधन
1 सितम्बर का दिन विशेष
स्वामी प्रभुपाद जन्म
स्वामी प्रभुपाद (1896 – 1977) अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (ISKCON) के संस्थापक थे। उनका जन्म कोलकाता में हुआ और उन्होंने श्रीकृष्ण भक्ति को विश्वभर में प्रचारित करने का कार्य किया। स्वामी प्रभुपाद ने भगवद्गीता और भागवत पुराण जैसे ग्रंथों का सरल भाषा में अनुवाद कर लोगों तक पहुँचाया। उन्होंने युवाओं को भक्ति, योग और साधना का मार्ग दिखाया। प्रभुपाद का जीवन भक्ति और आध्यात्मिकता का प्रेरक उदाहरण है।
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के. एन. सिंह जन्म
के. एन. सिंह (1909 – 2000) हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता थे, जिन्हें खलनायक की भूमिकाओं के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है। उनका जन्म देहरादून में हुआ था। अपनी प्रभावशाली आवाज़, गंभीर व्यक्तित्व और दमदार अभिनय शैली से उन्होंने 1930 से 1980 के दशक तक हिंदी फिल्मों में एक अलग पहचान बनाई। कानून, जिस देश में गंगा बहती है और दो बदन जैसी फिल्मों में उनकी भूमिका दर्शकों को बेहद पसंद आई। के. एन. सिंह भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमिट छाप छोड़ गए।
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पूर्णो अगितोक संगमा जन्म
पूर्णो अगितोक संगमा (1 सितंबर 1947 – 4 मार्च 2016) भारत के ऐसे नेता थे जिन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र की राजनीति को नई पहचान दी। गारो हिल्स के एक छोटे से गाँव से निकलकर उन्होंने देश की संसद में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। वे 1988 से 1990 तक मेघालय के मुख्यमंत्री और 1996 से 1998 तक लोकसभा अध्यक्ष रहे।
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राजिंदर सिंह बेदी जन्म
राजिंदर सिंह बेदी (1915 – 1984) प्रसिद्ध उर्दू लेखक, कथाकार और पटकथा लेखक थे। वे प्रगतिशील लेखक संघ के प्रमुख स्तंभों में गिने जाते हैं। उनकी कहानियाँ मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक यथार्थ को गहराई से प्रस्तुत करती हैं। एक चादर मैली सी उनकी सर्वाधिक चर्चित कृति है, जिस पर फिल्म भी बनी। उन्होंने कई हिंदी फिल्मों के लिए संवाद और पटकथा भी लिखी। सरल भाषा और गहन विचारधारा के कारण बेदी साहित्य जगत में अमर नाम बन गए।
1 सितम्बर का दिन विशेष
राष्ट्रीय पोषण दिवस
राष्ट्रीय पोषण दिवस
1 September special day in India
राष्ट्रीय पोषण दिवस
#Health #Nutrition #Awareness
राष्ट्रीय पोषण दिवस हर वर्ष 1 सितम्बर को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को संतुलित आहार और पोषण के महत्व के प्रति जागरूक करना है। सही पोषण न केवल शारीरिक विकास में मदद करता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी सशक्त बनाता है। आज के समय में बदलती जीवनशैली और असंतुलित खानपान के कारण मोटापा, मधुमेह और खून की कमी जैसी बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं।
इस दिवस पर सरकार और
इस दिवस पर सरकार और विभिन्न संस्थाएँ मिलकर लोगों को पोषण संबंधी जानकारी देती हैं, जैसे कि ताजे फल-सब्जियाँ, दूध, अनाज और प्रोटीन युक्त भोजन का सेवन। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए पोषण विशेष रूप से आवश्यक है। इस अवसर पर स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। राष्ट्रीय पोषण दिवस हमें याद दिलाता है कि स्वस्थ जीवनशैली की नींव सही आहार और संतुलित पोषण पर ही आधारित है।
1 सितम्बर का दिन विशेष
विश्व पत्र लेखन दिवस
विश्व पत्र लेखन दिवस
1 September special day in India
विश्व पत्र लेखन दिवस
#Communication #Awareness #WorldLetterWritingDay
विश्व पत्र लेखन दिवस हर साल 1 सितम्बर को मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य पत्र लेखन की परंपरा को जीवित रखना और लोगों को लिखित संवाद के महत्व से जोड़ना है। आधुनिक तकनीक और डिजिटल युग में पत्र लेखन धीरे-धीरे कम हो गया है, लेकिन इसका महत्व आज भी उतना ही गहरा है। पत्र केवल शब्दों का आदान-प्रदान नहीं, बल्कि भावनाओं और स्मृतियों का संग्रह होते हैं।
हाथ से लिखे गए पत्रों में एक
हाथ से लिखे गए पत्रों में एक व्यक्तिगत स्पर्श होता है, जो किसी भी संदेश को खास बना देता है। इस दिन विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों को पत्र लेखन के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि वे भाषा, अभिव्यक्ति और रचनात्मकता में निपुण हो सकें। विश्व पत्र लेखन दिवस हमें यह याद दिलाता है कि पत्र केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि रिश्तों और भावनाओं को सहेजने का एक सुंदर तरीका है।
1 सितम्बर का दिन विशेष | 1 September special day in India