11 May special day in India
11 मई को मनाया जाने वाला दिवस
11 May
special day in India

11 May special day in India
महत्वपूर्ण दिवस
11 May special day in India
11 मई जन्म, निधन
डॉ. शुद्धानंद भारती जन्म
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डॉ. शुद्धानंद भारती एक महान भारतीय संत, कवि और स्वतंत्रता सेनानी थे। उनका जन्म 11 मई 1897 को तमिलनाडु में हुआ था। वे आध्यात्मिकता, शांति और मानवता के प्रचारक थे। उन्होंने अपने जीवन में 250 से अधिक किताबें लिखीं, जिनमें कविता, दर्शन और योग प्रमुख विषय रहे। डॉ. शुद्धानंद भारती का मानना था कि आंतरिक शांति ही बाहरी शांति का मार्ग है। उन्होंने ‘भारत शक्ति’ नामक महाकाव्य लिखा, जो उनकी सबसे प्रसिद्ध रचनाओं में से एक है। उनका जीवन साधना, सेवा और साहित्य को समर्पित रहा। उनका निधन 7 मार्च 1990 को हुआ।
वैलोपिल्लि श्रीधर मेनन जन्म
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वैलोपिल्लि श्रीधर मेनन एक प्रसिद्ध मलयालम कवि थे, जिनका जन्म 11 मई 1911 को केरल में हुआ था। वे अपनी सामाजिक और मानवीय संवेदनाओं से भरपूर कविताओं के लिए जाने जाते थे। उनकी रचनाओं में प्रकृति, किसान जीवन, और सामाजिक असमानताओं का सुंदर चित्रण मिलता है। उनकी कविता ‘मूल्लंका’ विशेष रूप से लोकप्रिय हुई। वे शिक्षक के रूप में भी कार्यरत रहे और साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित कई सम्मानों से सम्मानित हुए। उनका लेखन सरल भाषा में गहरे अर्थ व्यक्त करता है। वैलोपिल्लि श्रीधर मेनन का निधन 22 दिसंबर 1985 को हुआ था।
विनीत सरन जन्म
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विनीत सरन एक प्रतिष्ठित भारतीय न्यायाधीश हैं, जिनका जन्म 11 मई 1957 को हुआ था। उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में वकालत शुरू की और बाद में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने। विनीत सरन ने विभिन्न मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय दिए और अपनी निष्पक्षता तथा न्यायप्रियता के लिए प्रसिद्ध हुए। वे उड़ीसा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश भी रहे। वर्ष 2018 में वे भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त हुए। न्याय के क्षेत्र में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा। विनीत सरन का कार्यकाल भारतीय न्याय व्यवस्था के लिए प्रेरणादायी रहा है।
एस. एम. नंदा निधन
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एस. एम. नंदा, जिनका पूरा नाम एडमिरल सरदारीलाल मथरादास नंदा था, भारतीय नौसेना के एक प्रतिष्ठित अधिकारी थे। उनका जन्म 10 मार्च 1915 को हुआ था। वे 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान भारतीय नौसेना के प्रमुख थे और उनकी रणनीति ने पाकिस्तान पर निर्णायक विजय में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी नेतृत्व क्षमता और दूरदर्शिता ने भारतीय नौसेना को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। उनके प्रयासों के लिए उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। 6 मई 2009 को उनका निधन हुआ। उनका योगदान भारतीय सैन्य इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है।
11 May special day in India
11 मई इतिहास
1502: क्रिस्टोफर कोलंबस अपनी चौथी और अंतिम यात्रा पर वेस्ट इंडीज के लिए रवाना हुए।
1857: 1857 का राष्ट्रीय विद्रोह – भारतीयों ने अंग्रेजों से दिल्ली पर कब्जा किया।
1867: लक्ज़मबर्ग को स्वतंत्रता प्राप्त हुई।
1888: राव बहादुर वादेदार ने मुंबई के मंडोवी में समाज सुधारक ज्योतिबा फुले को महात्मा की उपाधि प्रदान की।
1949: इजरायल संयुक्त राष्ट्र में शामिल हुआ।
1949: सियाम ने आधिकारिक तौर पर अपना नाम दूसरी बार बदलकर थाईलैंड कर लिया।
1987: गोवा को स्वतंत्र राज्य का दर्जा मिला।
1998 : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस
11 मई को मनाया जाने वाला दिवस
नेशनल टेक्नोलॉजी डे
नेशनल टेक्नोलॉजी डे
11 May special day in India
नेशनल टेक्नोलॉजी डे
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नेशनल टेक्नोलॉजी डे हर वर्ष 11 मई को भारत में मनाया जाता है। यह दिन भारत की तकनीकी उपलब्धियों और वैज्ञानिकों के योगदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है।
11 मई 1998 को भारत ने पोखरण में
11 मई 1998 को भारत ने पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण किए थे, जिससे भारत ने विश्व में अपनी तकनीकी क्षमता का लोहा मनवाया। इस ऐतिहासिक दिन के सम्मान में भारत सरकार ने 1999 से इसे राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस घोषित किया।
इस दिन देशभर में वैज्ञानिक सम्मेलन
इस दिन देशभर में वैज्ञानिक सम्मेलन, प्रदर्शनी और सेमिनार आयोजित किए जाते हैं, जहां युवा वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों को प्रेरित किया जाता है। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और नवाचार भारत के विकास की कुंजी है। हमें अपने वैज्ञानिकों और इंजीनियरों पर गर्व है, जिन्होंने देश को तकनीकी क्षेत्र में मजबूत बनाया है।
11 मई को मनाया जाने वाला दिवस
विश्व अहं जागरूकता दिवस
विश्व अहं जागरूकता दिवस
11 May special day in India
विश्व अहं जागरूकता दिवस
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विश्व अहं जागरूकता दिवस हर साल 11 मई को मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को उनके अंदर मौजूद अहंकार के बारे में जागरूक करना और यह समझाना है कि अहंकार हमारे व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में किस प्रकार बाधा बनता है।
अहंकार से इंसान के रिश्तों में दरार आ सकती है
अहंकार से इंसान के रिश्तों में दरार आ सकती है, वह दूसरों की भावनाओं को नजरअंदाज करता है और खुद को सबसे श्रेष्ठ मानने लगता है। इस दिवस पर दुनिया भर में सेमिनार, वर्कशॉप और चर्चाओं का आयोजन किया जाता है, जिसमें लोग अपने अहंकार को पहचानने और उसे कम करने के उपायों पर विचार करते हैं।
यह दिन हमें याद दिलाता है कि
यह दिन हमें याद दिलाता है कि विनम्रता, सहिष्णुता और सहानुभूति से ही सच्चा विकास और खुशी प्राप्त की जा सकती है। अहंकार पर नियंत्रण करके हम बेहतर इंसान बन सकते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।