3 December special day in India
3 दिसंबर को मनाया जाने वाला दिवस

3 December
special day in India

3 december special day in india

3 December special day in India
महत्वपूर्ण दिवस

3 दिसंबर को मनाया जाने वाला दिवस
3 दिसंबर का इतिहास

  • 1829 : वायसराय लॉर्ड विलियम बेंटिक ने भारत में सती प्रथा पर प्रतिबंध लगाया।
  • 1910 : फ्रांसीसी भौतिक विज्ञानी जॉर्जेस क्लाउड द्वारा विकसित दुनिया का पहला नियॉन लैंप पहली बार पेरिस मोटर शो में प्रदर्शित किया गया।
  • 1973: पायनियर प्रोग्राम: पायनियर 10 ने बृहस्पति की पहली क्लोज-अप तस्वीरें भेजीं।
  • 1989 : रूस के राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव और अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने शीत युद्ध की समाप्ति की घोषणा की।
  • 1994 : ताइवान में पहली बार स्वतंत्र स्थानीय चुनाव हुए।
  • 1994: सोनी ने जापान में पहला PlayStation रिलीज़ किया।
  • 1999: स्पेसक्राफ्ट के मंगल ग्रह के एटमॉस्फियर में एंटर करने से कुछ पल पहले NASA का मार्स पोलर लैंडर से रेडियो कॉन्टैक्ट टूट गया।

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3 दिसंबर जन्म, निधन

3 दिसंबर का दिन विशेष
नंदलाल बोस जन्म

#History #India #Art

नंदलाल बोस (1882–1966) भारत के महान चित्रकार और आधुनिक भारतीय कला के प्रमुख स्तंभों में से एक थे। वे शांतिनिकेतन में रवींद्रनाथ टैगोर के मार्गदर्शन में कार्य करते हुए भारतीय कला को नई पहचान देने वाले अग्रणी कलाकार बने। उनकी कलाकृतियाँ भारतीय संस्कृति, लोकजीवन और पौराणिक विषयों से प्रेरित थीं। उन्होंने संविधान की मूल प्रति के चित्रांकन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। नंदलाल बोस को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।

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डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जन्म

#History #India #Inspiration

डॉ. राजेन्द्र प्रसाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति और स्वतंत्रता आंदोलन के महत्वपूर्ण नेता थे। उनका जन्म 3 दिसंबर 1884 को बिहार के सीवान जिले में हुआ था। वे महात्मा गांधी के सिद्धांतों से गहराई से प्रभावित थे और विभिन्न आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई। संविधान सभा के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में अमूल्य योगदान दिया। सरलता, ईमानदारी और राष्ट्रभक्ति उनकी पहचान रही। 1962 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

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खुदीराम बोस जन्म

#Freedom #History #India

खुदीराम बोस (3 दिसंबर 1889 – 11 अगस्त 1908) भारत के सबसे युवा स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे। वे कम उम्र में ही क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़ गए थे। वंदे मातरम् की भावना से प्रेरित होकर उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष किया। मुजफ्फरपुर बम कांड में उनकी भागीदारी ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर साहस का प्रतीक बना दिया। मात्र 18 वर्ष की आयु में उन्हें फांसी दी गई, लेकिन उनका बलिदान देशवासियों के लिए प्रेरणा बन गया।

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यशपाल जन्म

#History #Literature #India

यशपाल एक प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार, स्वतंत्रता सेनानी और प्रगतिशील विचारक थे। उनका जन्म 3 दिसम्बर 1903 को हुआ। उन्होंने अपने लेखन में सामाजिक अन्याय, महिला स्वतंत्रता और समानता जैसे मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी प्रमुख कृतियों में दिव्या, देशद्रोही, झूठा सच और मेरी तेरी उसकी बात शामिल हैं। यशपाल ने साहित्य को समाज परिवर्तन का माध्यम माना और अपने जीवन भर मानवतावादी सोच को बढ़ावा दिया। उनका निधन 26 दिसम्बर 1976 को हुआ।

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देवानंद निधन

#HindiWriting #IndianLegends #BollywoodIcons

देवानंद (जन्म: 26 सितंबर 1923 – निधन: 3 दिसंबर 2011) भारत के महान अभिनेता, निर्माता और निर्देशक थे, जिन्होंने हिंदी सिनेमा में रोमांटिक हीरो की नई परिभाषा गढ़ी। उनकी विशेष स्टाइल, तेज़ बोलने का अंदाज़ और आकर्षक व्यक्तित्व ने उन्हें दर्शकों का प्रिय बना दिया। “गाइड”, “ज्वेल थीफ”, “सी.आई.डी.” और “हरे रामा हरे कृष्णा” जैसी अनगिनत फिल्मों ने उन्हें सदाबहार सितारा बना दिया। देवानंद ने अपने लंबे फिल्मी सफर में बॉलीवुड को नई दिशा और स्वर्णिम यादें दीं।

3 दिसंबर को मनाया जाने वाला दिवस
अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस

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अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस

#Awareness #Inclusion #Equality

अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस (International Day of Persons with Disabilities) हर वर्ष 3 दिसंबर को मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य समाज में दिव्यांगजनों के अधिकारों, सम्मान और समान अवसरों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। संयुक्त राष्ट्र ने इस दिन को वैश्विक रूप से स्वीकार किया है ताकि दुनिया भर में विकलांगता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दिया जा सके।

यह दिवस हमें याद दिलाता है कि

 यह दिवस हमें याद दिलाता है कि दिव्यांगजन किसी बोझ नहीं, बल्कि समाज की महत्वपूर्ण संपत्ति हैं, जिन्हें सही अवसर मिले तो वे हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं। इसका मुख्य संदेश समावेशी विकास, सुलभता और भेदभाव-मुक्त वातावरण का निर्माण करना है। इस दिन विभिन्न कार्यक्रम, सेमिनार और अभियानों के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया जाता है कि वे दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशील बनें और उनकी सहायता के लिए आगे आएँ।

3 दिसंबर को मनाया जाने वाला दिवस
मे‍क ए गिफ्ट डे

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मे‍क ए गिफ्ट डे

#MakeAGiftDay #CreativeGifts #HandmadeWithLove

मे‍क ए गिफ्ट डे हर साल 3 दिसंबर को मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को अपने हाथों से उपहार बनाकर देने के लिए प्रेरित करना है, जिससे रिश्तों में स्नेह और व्यक्तिगत जुड़ाव बढ़ता है। हाथ से बनाया गया उपहार केवल एक वस्तु नहीं होता, बल्कि उसमें समय, प्रेम और भावनाओं की अभिव्यक्ति शामिल होती है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि उपहार का मूल्य उसकी कीमत में नहीं, बल्कि उसके पीछे की भावना में छिपा होता है।

इस दिन बच्चे, युवा और बड़े सभी लोग

इस दिन बच्चे, युवा और बड़े सभी लोग रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं—जैसे कार्ड बनाना, पेंटिंग, क्राफ्ट, बेकिंग या कोई छोटा-सा हस्तनिर्मित सामान तैयार करना। ऐसे उपहार रिश्तों को और गहरा बनाते हैं तथा खुशी और सराहना का सुंदर जुड़ाव पैदा करते हैं।

मे‍क ए गिफ्ट डे हमें सिखाता है कि

मे‍क ए गिफ्ट डे हमें सिखाता है कि प्यार भरा उपहार ही सबसे अनमोल होता है, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो।

3 December special day in India | 3 दिसंबर को मनाया जाने वाला दिवस

नवंबर
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